अजय ब्लॉग-अनुभव और अभिव्यक्ति

“अनुभव, विचार और कहानियों का संगम”

Category: moral story

  • एक दिन शाम को जब सूरज ढल रहा था, हम गाड़ी से बाज़ार की ओर जा रहे थे। रास्ते के किनारे कुछ टेंट लगे हुए थे — पुराने कपड़ों और प्लास्टिक की चादरों से बने अस्थायी घर। बाहर कुछ लोग बैठे बांस की टोकरी बना रहे थे, कुछ पत्थरों पर छैनी-हथौड़ी से मूर्तियाँ गढ़ रहे…